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6.42.2
एमे॑नं प्र॒त्येत॑न॒ सोमे॑भिः सोम॒पात॑मम् । अम॑त्रेभिरृजी॒षिण॒मिन्द्रं॑ सु॒तेभि॒रिन्दु॑भिः ॥ (२)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.42.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अध्वर्युगण! तुम सोमरस लेकर अति अधिक सोम पीने वाले इंद्र के पास जाओ. तुम निचोड़े हुए सोम से भरे पात्र को लेकर शत्रुंजयी इंद्र के पास जाओ. (२)
EN English Translation
O teacher! You go to Indra who drinks too much som by taking somras. You take the vessel full of squeezed som and go to Shatrunjayi Indra. (2)