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7.102.1
प॒र्जन्या॑य॒ प्र गा॑यत दि॒वस्पु॒त्राय॑ मी॒ळ्हुषे॑ । स नो॒ यव॑समिच्छतु ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 7.102.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे स्तोताओ! अंतरिक्ष के पुत्र एवं सेचन करने वाले पर्जन्य के लिए स्तुतियां गाओ. (१)
EN English Translation
This stotao! Sing praises to the son of space and the saintly soul. (1)