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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 10 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 10 • ऋचा / मन्त्र 6

8.10.6

Mantra ID: 8.10.6

यद॒न्तरि॑क्षे॒ पत॑थः पुरुभुजा॒ यद्वे॒मे रोद॑सी॒ अनु॑ । यद्वा॑ स्व॒धाभि॑रधि॒तिष्ठ॑थो॒ रथ॒मत॒ आ या॑तमश्विना ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.10.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अधिक हवि भक्षण करने वाले अश्चिनीकुमारो! तुम चाहे अंतरिक्ष में गमन करते होओ अथवा द्यावा-पृथिवी की ओर जा रहे होओ, अथवा तेजरूपी रथ पर बैठे होओ, इन सभी स्थानों से आओ. (६)

EN English Translation

O more hungry ashchinikumaro! Whether you are walking in space or going towards Dyava-Prithvivi, or sitting on a bright chariot, come from all these places. (6)

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