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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 19 • Mantra / Rik 21

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 19 • ऋचा / मन्त्र 21

8.19.21

Mantra ID: 8.19.21

ईळे॑ गि॒रा मनु॑र्हितं॒ यं दे॒वा दू॒तम॑र॒तिं न्ये॑रि॒रे । यजि॑ष्ठं हव्य॒वाह॑नम् ॥ (२१)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.19.21 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

प्रजापति मनु द्वारा स्थापित अग्नि की मैं स्तुति करता हूं. सर्वाधिक यज्ञकर्ता, हव्य वहन करने वाले एवं ईश्वर अग्नि को देवों ने दूत बनाकर भेजा. (२१)

EN English Translation

I praise the agni founded by Prajapati Manu. The most sacrificing, the human-bearer and the God agni were sent as messengers by the gods. (21)

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