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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 19 • Mantra / Rik 37

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 19 • ऋचा / मन्त्र 37

8.19.37

Mantra ID: 8.19.37

उ॒त मे॑ प्र॒यियो॑र्व॒यियोः॑ सु॒वास्त्वा॒ अधि॒ तुग्व॑नि । ति॒सॄ॒णां स॑प्तती॒नां श्या॒वः प्र॑णे॒ता भु॑व॒द्वसु॒र्दिया॑नां॒ पतिः॑ ॥ (३७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.19.37 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

शोभन निवास वाली सरिता के तट पर रहने वाले, काले रंग के बैलों को आगे बढ़ाने वाले, पूज्य, धनदान करने में समर्थ एवं दो सौ दस गायों के स्वामी त्रसदस्यु ने मुझे धन एवं वस्त्र दिए हैं. (३७)

EN English Translation

Trasadsyu, who lives on the banks of the Sarita at Shobhan Niwas, who is a black bull-raiser, is revered, capable of donating money and the lord of two hundred and ten cows, has given me money and clothes. (37)

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