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8.21.16
मा ते॑ गोदत्र॒ निर॑राम॒ राध॑स॒ इन्द्र॒ मा ते॑ गृहामहि । दृ॒ळ्हा चि॑द॒र्यः प्र मृ॑शा॒भ्या भ॑र॒ न ते॑ दा॒मान॑ आ॒दभे॑ ॥ (१६)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.21.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे गाएं देने वाले इंद्र! तुम्हारे सेवक हम धनरहित न हों एवं किसी दूसरे से धन न मांगें. हे स्वामी इंद्र! तुम हमें स्थिर धन दो. तुम्हारे दिए हुए धन को कोई नष्ट नहीं कर सकता. (१६)
EN English Translation
O Indra who sings! Let us not be rich, your servants, and do not ask anyone else for money. O Lord Indra! You give us the steady money. No one can destroy your money. (16)