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8.21.5
सीद॑न्तस्ते॒ वयो॑ यथा॒ गोश्री॑ते॒ मधौ॑ मदि॒रे वि॒वक्ष॑णे । अ॒भि त्वामि॑न्द्र नोनुमः ॥ (५)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 8.21.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! गाय के दूध-दही से मिले हुए मदकारक एवं स्वर्गप्राप्ति के हेतु तुम्हारे सोमरस में हम पक्षियों के समान निवास करते हैं एवं तुम्हारी स्तुति करते हैं. (५)
EN English Translation
O Indra! In your somras we live like birds and praise you for the sake of being cured and heavenly mixed with cow's milk and curd. (5)