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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 23 • Mantra / Rik 20

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 23 • ऋचा / मन्त्र 20

8.23.20

Mantra ID: 8.23.20

तं हु॑वेम य॒तस्रु॑चः सु॒भासं॑ शु॒क्रशो॑चिषम् । वि॒शाम॒ग्निम॒जरं॑ प्र॒त्नमीड्य॑म् ॥ (२०)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.23.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हाथ में खुच ग्रहण करने वाले हम शोभन दीप्ति वाले, शुभ्र तेजयुक्त, मनुष्यों द्वारा स्तुति योग्य एवं जरारहित अग्नि को बुलाते हैं. (२०)

EN English Translation

We, who receive the khuch in our hands, call the agni of the adornment, the bright, the bright, the praiseworthy of human beings and the unsung agni. (20)

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