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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 30 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 30 • ऋचा / मन्त्र 4

8.30.4

Mantra ID: 8.30.4

ये दे॑वास इ॒ह स्थन॒ विश्वे॑ वैश्वान॒रा उ॒त । अ॒स्मभ्यं॒ शर्म॑ स॒प्रथो॒ गवेऽश्वा॑य यच्छत ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.30.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे विश्वेदेव एवं अग्नि! तुम यहां स्थित होओ. तुम हमें सर्वत्र प्रसिद्ध सुख, गाय एवं घोड़ा दो. (४)

EN English Translation

O God and Fire! You're located here. You give us the famous pleasures, the cow and the horse. (4)

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