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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 35 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 35 • ऋचा / मन्त्र 16

8.35.16

Mantra ID: 8.35.16

ब्रह्म॑ जिन्वतमु॒त जि॑न्वतं॒ धियो॑ ह॒तं रक्षां॑सि॒ सेध॑त॒ममी॑वाः । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ सोमं॑ सुन्व॒तो अ॑श्विना ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.35.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमारो! तुम स्तोत्रों तथा यज्ञों को जीतो, राक्षसों को मारो एवं रोगों को वश में करो. तुम उषा तथा सूर्य के साथ मिलकर यजमान का सोमरस पिओ. (१६)

EN English Translation

O Ashwinikumaro! You conquer hymns and sacrifices, kill demons and subdue diseases. You drink the somras of the host together with Usha and Surya. (16)

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