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8.41.5
यो ध॒र्ता भुव॑नानां॒ य उ॒स्राणा॑मपी॒च्या॒३॒॑ वेद॒ नामा॑नि॒ गुह्या॑ । स क॒विः काव्या॑ पु॒रु रू॒पं द्यौरि॑व पुष्यति॒ नभ॑न्तामन्य॒के स॑मे ॥ (५)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.41.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जो वरुण भुवनों को धारण करने वाले एवं रश्मियों तथा गुहा में छिपे नामों को जानते हैं, वे ही बुद्धिमान् वरुण झुलोक के समान कविकृत काव्यों का पोषण करते हैं. वे सभी शज्रुओं को समाप्त करें. (५)
EN English Translation
Those who hold the Varun Bhuvanas and know the names hidden in the Rashmis and Guha, they are the ones who nurture poetic poems as the wise Varuna Jhuloka. They eliminate all the shajrus. (5)