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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 54 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 54 • ऋचा / मन्त्र 9

8.54.9

Mantra ID: 8.54.9

विश्वा॑ँ अ॒र्यो वि॑प॒श्चितोऽति॑ ख्य॒स्तूय॒मा ग॑हि । अ॒स्मे धे॑हि॒ श्रवो॑ बृ॒हत् ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.54.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे स्वामी इंद्र! तुम सभी स्तोताओं का अतिक्रमण करके मुझे देखो, शीघ्र आओ एवं विस्तृत यश दो. (९)

EN English Translation

O Lord Indra! You transcend all the hymns and look at me, come quickly and give me detailed praise. (9)

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