Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 56 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 56 • ऋचा / मन्त्र 12

8.56.12

Mantra ID: 8.56.12

अ॒ने॒हो न॑ उरुव्रज॒ उरू॑चि॒ वि प्रस॑र्तवे । कृ॒धि तो॒काय॑ जी॒वसे॑ ॥ (१२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.56.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे विस्तीर्ण गमन वाली एवं महती अदिति! हम पापहीनों को जीवित रखो, जिससे हमारे पुत्र जीवित रह सकें. (१२)

EN English Translation

This is the great and great Aditi! Let us keep the sinless alive, so that our sons may live. (12)

卐 HinduText AI