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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 56 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 56 • ऋचा / मन्त्र 6

8.56.6

Mantra ID: 8.56.6

यद्वः॑ श्रा॒न्ताय॑ सुन्व॒ते वरू॑थ॒मस्ति॒ यच्छ॒र्दिः । तेना॑ नो॒ अधि॑ वोचत ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.56.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे आदित्यो! सोमरस निचोड़ने के काम से थके हुए यजमान के लिए तुम्हारे पास जो उत्तम धन एवं घर है, उससे हमें प्रसन्न करके हमसे अच्छी-अच्छी बातें करो. (६)

EN English Translation

Hey Aditya! Please us with the good wealth and house you have for the host tired of the work of squeezing somers and do good things to us. (6)

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