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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 57 • Mantra / Rik 19

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 57 • ऋचा / मन्त्र 19

8.57.19

Mantra ID: 8.57.19

न यु॒ष्मे वा॑जबन्धवो निनि॒त्सुश्च॒न मर्त्यः॑ । अ॒व॒द्यमधि॑ दीधरत् ॥ (१९)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.57.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अन्न देने वाले छः राजाओ! निंदा करने वाला व्यक्ति भी तुम्हारे सामने निंदा का वचन नहीं बोलता. (१९)

EN English Translation

O six kings who give food! Even the person who condemns does not speak a word of condemnation before you. (19)

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