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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 58 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 58 • ऋचा / मन्त्र 6

8.58.6

Mantra ID: 8.58.6

इन्द्रा॑य॒ गाव॑ आ॒शिरं॑ दुदु॒ह्रे व॒ज्रिणे॒ मधु॑ । यत्सी॑मुपह्व॒रे वि॒दत् ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.58.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस समय वज्रधारी इंद्र समीप में रखे हुए सोमरस को प्राप्त करते हैं, उस समय गाएं इंद्र के लिए मधुर दूध देती हैं जो सोमरस में मिलाया जा सके. (६)

EN English Translation

At the time when Vajradhari Indra receives the Somras kept nearby, the cows give sweet milk to Indra which can be added to the Somras. (6)

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