Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
8.66.1
ज॒ज्ञा॒नो नु श॒तक्र॑तु॒र्वि पृ॑च्छ॒दिति॑ मा॒तर॑म् । क उ॒ग्राः के ह॑ शृण्विरे ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 8.66.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
शतक्रतु इंद्र ने जन्म लेते ही अपनी माता से पूछा-“कोन उग्र एवं कौन प्रसिद्ध है?” (१)
EN English Translation
As soon as He was born, Shatrattu Indra asked his mother, "Who is angry and famous?" (1)