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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 70 • Mantra / Rik 5

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 70 • ऋचा / मन्त्र 5

8.70.5

Mantra ID: 8.70.5

प्र स्तो॑ष॒दुप॑ गासिष॒च्छ्रव॒त्साम॑ गी॒यमा॑नम् । अ॒भि राध॑सा जुगुरत् ॥ (५)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.70.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे ऋत्विजो! इंद्र तुम्हारी स्तुति की प्रशंसा करें एवं उसी के अनुरूप गीत गाएं. इंद्र गाया जाता हुआ साम सुनें एवं धनयुक्त होकर हमारे ऊपर कृपा करें. (५)

EN English Translation

Hey Ritvijo! Indra praises your praise and sings in accordance with it. Listen to indra singing sam and be rich and have mercy on us. (5)

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