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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 73 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 73 • ऋचा / मन्त्र 9

8.73.9

Mantra ID: 8.73.9

क्षेति॒ क्षेमे॑भिः सा॒धुभि॒र्नकि॒र्यं घ्नन्ति॒ हन्ति॒ यः । अग्ने॑ सु॒वीर॑ एधते ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.73.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! जो व्यक्ति उत्तम रक्षासाधनों के साथ अपने घर में रहता है, उसे कोई नहीं मारता. जो अपने शत्रुओं को स्वयं मारता है, वह शोभन संतान के साथ बढ़ता है. (९)

EN English Translation

O agni! The person who lives in his house with the best defenses, no one kills him. He who kills his enemies himself grows up and have brave children. (9)

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