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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 79 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 79 • ऋचा / मन्त्र 3

8.79.3

Mantra ID: 8.79.3

ब्रह्मा॑ त इन्द्र गिर्वणः क्रि॒यन्ते॒ अन॑तिद्भुता । इ॒मा जु॑षस्व हर्यश्व॒ योज॒नेन्द्र॒ या ते॒ अम॑न्महि ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.79.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे स्तुति योग्य एवं हरि नामक अश्चों वाले इंद्र! हम तुम्हारे गुणों से पूर्ण स्तुतियां करते हैं. वे तुमसे मिलने योग्य हैं. उन्हें तुम स्वीकार करो. हम तुम्हारे लिए जितनी स्तुतियां कर रहे हैं, उन्हें स्वीकार करो. (३)

EN English Translation

O Indra of praise and with tears called Hari! We make full praises of your qualities. They deserve to meet you. Accept them to you. Accept all the praises we are doing for you. (3)

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