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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 81 • Mantra / Rik 27

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 81 • ऋचा / मन्त्र 27

8.81.27

Mantra ID: 8.81.27

प॒रा॒कात्ता॑च्चिदद्रिव॒स्त्वां न॑क्षन्त नो॒ गिरः॑ । अरं॑ गमाम ते व॒यम् ॥ (२७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.81.27 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वज्रधारी इंद्र! हमारे स्तुतिवचन दूर रहकर भी तुम्हें प्राप्त हों. तुमसे हम पर्याप्त धन प्राप्त करें. (२७)

EN English Translation

O thunderbolt Indra! May our praise be received by you even while staying away. From you we get enough money. (27)

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