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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 82 • Mantra / Rik 17

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 82 • ऋचा / मन्त्र 17

8.82.17

Mantra ID: 8.82.17

अ॒या धि॒या च॑ गव्य॒या पुरु॑णाम॒न्पुरु॑ष्टुत । यत्सोमे॑सोम॒ आभ॑वः ॥ (१७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.82.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अनेक गायों वाले एवं बहुतों द्वारा स्तुत इंद्र! तुम हमारे प्रत्येक सोमरस को पीने के लिए उपस्थित हुए हो. हम गो-अभिलाषिणी बुद्धि वाले होंगे. (१७)

EN English Translation

O Indra, who has many cows and is praised by many! You have appeared to drink each of our somras. We will be of go-to-mind. (17)

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