Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 87 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 87 • ऋचा / मन्त्र 12

8.87.12

Mantra ID: 8.87.12

त्वां शु॑ष्मिन्पुरुहूत वाज॒यन्त॒मुप॑ ब्रुवे शतक्रतो । स नो॑ रास्व सु॒वीर्य॑म् ॥ (१२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.87.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शक्तिशाली, बहुतों द्वारा बुलाए गए एवं बहुकर्मकर्ता इंद्र! तुम बल की इच्छा करने वाले हो. हम तुम्हारी स्तुति करते हैं. तुम हमें शोभन संतान वाला धन दो. (१२)

EN English Translation

O mighty, indra, called by many and multi-workers! You are going to desire force. We praise you. You give us the money with a good child. (12)

卐 HinduText AI