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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 107 • Mantra / Rik 10

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 107 • ऋचा / मन्त्र 10

9.107.10

Mantra ID: 9.107.10

आ सो॑म सुवा॒नो अद्रि॑भिस्ति॒रो वारा॑ण्य॒व्यया॑ । जनो॒ न पु॒रि च॒म्वो॑र्विश॒द्धरिः॒ सदो॒ वने॑षु दधिषे ॥ (१०)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.107.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पत्थरों की सहायता से निचुड़े हुए सोम! तुम भेड़ के बालों से बने दशापवित्र को पार करके छनते हो. हरे रंग के सोम चमू नामक पात्रों में इस प्रकार प्रवेश करते हैं, जिस प्रकार मनुष्य नगर में प्रवेश करता है. हे सोम! तुम द्रोणकलश में स्थान बनाते हो. (१०)

EN English Translation

O Mon, with the help of stones! You cross the dashapavittra made of sheep's hair. The green mons enter the characters called Chamu in this way, just as man enters the city. Hey Mon! You make a place in dronakalash. (10)

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