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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 107 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 107 • ऋचा / मन्त्र 11

9.107.11

Mantra ID: 9.107.11

स मा॑मृजे ति॒रो अण्वा॑नि मे॒ष्यो॑ मी॒ळ्हे सप्ति॒र्न वा॑ज॒युः । अ॒नु॒माद्यः॒ पव॑मानो मनी॒षिभिः॒ सोमो॒ विप्रे॑भि॒रृक्व॑भिः ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.107.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

विजयाभिलाषी लोग जिस प्रकार युद्ध में जाने वाले घोड़े को सजाते हैं, उसी प्रकार भेड़ के बालों से बने दशापवित्र को पार करने वाले एवं अन्नाभिलाषी सोम सजाए जाते हैं. (११)

EN English Translation

Just as the victorious people decorate the horse that goes to war, so are the ones who cross the Dasapavittra made of sheep's hair and the annabhilashi som. (11)

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