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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 109 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 109 • ऋचा / मन्त्र 16

9.109.16

Mantra ID: 9.109.16

प्र सु॑वा॒नो अ॑क्षाः स॒हस्र॑धारस्ति॒रः प॒वित्रं॒ वि वार॒मव्य॑म् ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.109.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

छाने जाते हुए एवं हजार धाराओं वाले सोम भेड़ के बालों से बने दशापवित्र को पार करके अनेक प्रकार से बहते हैं. (१६)

EN English Translation

The shackled and the thousand-streamed mons flow in many ways by crossing the dashapavittra made of sheep's hair. (16)

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