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9.17.2
अ॒भि सु॑वा॒नास॒ इन्द॑वो वृ॒ष्टयः॑ पृथि॒वीमि॑व । इन्द्रं॒ सोमा॑सो अक्षरन् ॥ (२)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 9.17.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जिस प्रकार वर्षा धरती पर गिरती है, उसी प्रकार निचुड़ा हुआ सोमरस इंद्र को प्रसन्न करने के लिए नीचे गिरता है. (२)
EN English Translation
Just as the rain falls on the earth, so the unruly Somersa falls down to please Indra. (2)