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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 43 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 43 • ऋचा / मन्त्र 4

9.43.4

Mantra ID: 9.43.4

पव॑मान वि॒दा र॒यिम॒स्मभ्यं॑ सोम सु॒श्रिय॑म् । इन्दो॑ स॒हस्र॑वर्चसम् ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.43.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे निचुड़ते हुए एवं छनते हुए सोम! तुम हमें शोभनश्री से युक्त एवं बहुत दीप्ति वाला धन दो. (४)

EN English Translation

O nishing and filtering Mon! You give us a rich and very bright money with Shobhanshree. (4)

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