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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 62 • Mantra / Rik 21

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 62 • ऋचा / मन्त्र 21

9.62.21

Mantra ID: 9.62.21

आ नः॒ सोमं॑ प॒वित्र॒ आ सृ॒जता॒ मधु॑मत्तमम् । दे॒वेभ्यो॑ देव॒श्रुत्त॑मम् ॥ (२१)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.62.21 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे ऋत्विजो! देवों के अत्यंत प्रिय व अत्यधिक मधुर हमारे सोम को इंद्रादि देवों के लिए दशापवित्र पर शुद्ध करो. (२१)

EN English Translation

Hey Ritvijo! Purify our mon, the most beloved and extremely sweet of the gods, on dashapavitra for the indradi devas. (21)

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