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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 63 • Mantra / Rik 13

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 63 • ऋचा / मन्त्र 13

9.63.13

Mantra ID: 9.63.13

सोमो॑ दे॒वो न सूर्योऽद्रि॑भिः पवते सु॒तः । दधा॑नः क॒लशे॒ रस॑म् ॥ (१३)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.63.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सूर्य के समान तेजस्वी एवं पत्थरों की सहायता से निचोड़े गए सोम अपना रस द्रोणकलश में धारण करते हुए टपकते हैं. (१३)

EN English Translation

As bright as the sun and squeezed with the help of stones, Som drips while holding his juice in dronkalash. (13)

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