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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 66 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 66 • ऋचा / मन्त्र 2

9.66.2

Mantra ID: 9.66.2

ताभ्यां॒ विश्व॑स्य राजसि॒ ये प॑वमान॒ धाम॑नी । प्र॒ती॒ची सो॑म त॒स्थतुः॑ ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.66.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शुद्ध होते सोम! तुम्हारे जो दो टेढ़े पत्ते हैं, उनसे तुम सारे संसार के राजा बनते हो. (२)

EN English Translation

It was pure Mon! From the two crooked leaves that you have, you become the king of the whole world. (2)

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