Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 66 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 66 • ऋचा / मन्त्र 7

9.66.7

Mantra ID: 9.66.7

प्र सो॑म याहि॒ धार॑या सु॒त इन्द्रा॑य मत्स॒रः । दधा॑नो॒ अक्षि॑ति॒ श्रवः॑ ॥ (७)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.66.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे हमारे द्वारा निचोड़े गए एवं इंद्र को नशा कराने वाले सोम! तुम हमारे लिए अक्षय धन देते हुए दशापवित्र से निकलकर द्रोणकलश में जाओ. (७)

EN English Translation

O Som who was squeezed by us and made Indra drunk! You leave the Dashapavitra and go to Dronakalash, giving us renewable money. (7)

卐 HinduText AI