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9.67.31
यः पा॑वमा॒नीर॒ध्येत्यृषि॑भिः॒ सम्भृ॑तं॒ रस॑म् । सर्वं॒ स पू॒तम॑श्नाति स्वदि॒तं मा॑त॒रिश्व॑ना ॥ (३१)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.67.31 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जो व्यक्ति ऋषियों द्वारा पवमान सोमदेव के विषय में निर्मित वेदमंत्ररूपी रस को पढ़ता है, वह वायु द्वारा पवित्र सभी प्रकार का अन्न खाता है. (३१)
EN English Translation
The person who reads the vedamantra-rupadi rasa made by the sages about the pavaman somdev eats all kinds of food holy by the air. (31)