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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 86 • Mantra / Rik 31

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 86 • ऋचा / मन्त्र 31

9.86.31

Mantra ID: 9.86.31

प्र रे॒भ ए॒त्यति॒ वार॑म॒व्ययं॒ वृषा॒ वने॒ष्वव॑ चक्रद॒द्धरिः॑ । सं धी॒तयो॑ वावशा॒ना अ॑नूषत॒ शिशुं॑ रिहन्ति म॒तयः॒ पनि॑प्नतम् ॥ (३१)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.86.31 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

शब्द करने वाले सोम भेड़ के बालों से बने दशापवित्र को पार करते हैं. वर्षा करने वाले एवं हरे रंग के सोम जल में क्रंदन करते हैं. ध्यान करने वाली एवं सोम की कामना करने वाली स्तुतियां शिशु के समान संस्कारयोग्य एवं शब्द करते हुए सोम को अपना विषय बनाती हैं. (३१)

EN English Translation

Som, who performs the word, crosses the dasapavitra made of sheep's hair. Rainers and green soms crawl in water. The praises that meditate and wish for Soma make Som their subject by doing the same as the child and making words. (31)

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