Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 98 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 98 • ऋचा / मन्त्र 12

9.98.12

Mantra ID: 9.98.12

तं स॑खायः पुरो॒रुचं॑ यू॒यं व॒यं च॑ सू॒रयः॑ । अ॒श्याम॒ वाज॑गन्ध्यं स॒नेम॒ वाज॑पस्त्यम् ॥ (१२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.98.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मित्रो! हम और तुम दोनों ही विशेष ज्ञान वाले हैं. हम सामने सुशोभित एवं बलकारक उत्तम गंध वाले सोम को पिएं. हम बलकारक सोम की सेवा करें. (१२)

EN English Translation

Oh, my friends! You and I both have special knowledge. We drink the beautified and forcefully smelling mon in front of us. We serve the forcer mon. (12)

卐 HinduText AI