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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 98 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 98 • ऋचा / मन्त्र 7

9.98.7

Mantra ID: 9.98.7

परि॒ त्यं ह॑र्य॒तं हरिं॑ ब॒भ्रुं पु॑नन्ति॒ वारे॑ण । यो दे॒वान्विश्वा॒ँ इत्परि॒ मदे॑न स॒ह गच्छ॑ति ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.98.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सबके द्वारा अभिलाषा योग्य, हरे रंग वाले व मटमैले वर्णयुक्त सोम को भेड़ के बालों से बने दशापवित्र द्वारा छाना जाता है. सोम अपना नशीला रस लेकर सभी देवों के पास जाते हैं. (७)

EN English Translation

The soma, which is worthy of desire by everyone, green and with a mottled colour, is sifted by the dashapavitra made of sheep's hair. Som goes to all the gods with his intoxicating juice. (7)

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