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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 98 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 98 • ऋचा / मन्त्र 8

9.98.8

Mantra ID: 9.98.8

अ॒स्य वो॒ ह्यव॑सा॒ पान्तो॑ दक्ष॒साध॑नम् । यः सू॒रिषु॒ श्रवो॑ बृ॒हद्द॒धे स्व१॒॑र्ण ह॑र्य॒तः ॥ (८)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.98.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

तुम लोग सोम द्वारा सुरक्षित होकर इसके शक्तिसाधन रस को पिओ. सबके द्वारा अभिलषित सोम सूर्य के समान स्तोताओं को महान्‌ धन देते हैं. (८)

EN English Translation

You guys, secured by Mon, drink its shaktisadhan juice. The mons, desired by all, give great wealth to the hymns like the sun. (8)

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