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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 6

16.7.6

Mantra ID: 16.7.6

पावमानीः स्वस्त्ययनीस्ताभिर्गच्छति नान्दनम् । पुण्याँश्च भक्षान्भक्षयत्यमृतत्वं च गच्छति ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 16.7.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो यजमान पवित्रतादायी मंत्रों से प्रेरणा लेता है, जो यजमान हितकारी मंत्रों में रुझान रखता है, वह परमानंद का भागी होता है. वह पुण्य अर्जित कराने वाले अन्न को खाता है और अमरता का भागीदार होता है. (६)

EN English Translation

The host who takes inspiration from holy mantras, the host who is interested in beneficial mantras, is a part of ecstasy. He eats the food that earns virtue and is a partner of immortality. (6)

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