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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 9 • Mantra 4

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 9 • मन्त्र 4

16.9.4

Mantra ID: 16.9.4

परीतो षिञ्चता सुतँ सोमो य उत्तमँ हविः । दधन्वाँ यो नर्यो अप्स्वा३न्तरा सुषाव सोममद्रिभिः ॥ (४)

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सामवेद मन्त्र 16.9.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यजमान जल में सोम को मिलाते हैं. वे पत्थरों से कूट कर सोमरस निकालते हैं. वह देवताओं के लिए श्रेष्ठ है. यजमान उस से सब ओर सींचें. (४)

EN English Translation

The hosts mix Som in the water. They crush with stones and remove somersas. He is superior to the gods. Let the host water from him everywhere. (4)

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