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सामवेद

Chapter / Prapathak 19 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 19 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 6

19.3.6

Mantra ID: 19.3.6

अद्याद्या श्वःश्व इन्द्र त्रास्व परे च नः । विश्वा च नो जरितॄन्त्सत्पते अहा दिवा नक्तं च रक्षिषः ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 19.3.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हमें आज भी व कल भी इंद्र संरक्षित करें. वे दिनरात हमारी रक्षा करें. वे विश्वपति और सज्जनों के पालनहार हैं. (६)

EN English Translation

May Indra protect us even today and tomorrow. Let them protect us day and night. He is the sustainer of vishwapati and gentlemen. (6)

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