Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 22 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 22 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 9

22.3.9

Mantra ID: 22.3.9

ऊर्ध्वस्तिष्ठा न ऊतयेऽस्मिन्वाजे शतक्रतो । समन्येषु ब्रवावहै ॥ (९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 22.3.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप सैकड़ों कार्य करने वाले हैं. आप हमारे संरक्षण के लिए प्रयास कीजिए. आप उच्च स्थान पर प्रतिष्ठित हैं. हम आप से कुछ अन्य बातों के बारे में भी परामर्श (निवेदन) करते रहें. (९)

EN English Translation

O Indra! You're going to do hundreds of jobs. You try to protect us. You are reputed in a high position. We keep consulting you about some other things. (9)

卐 HinduText AI