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सामवेद

Chapter / Prapathak 23 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 11

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 23 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 11

23.2.11

Mantra ID: 23.2.11

अनु ते शुष्मं तुरयन्तमीयतुः क्षोणी शिशुं न मातरा । विश्वास्ते स्पृधः श्नथयन्त मन्यवे वृत्रं यदिन्द्र तूर्वसि ॥ (११)

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सामवेद मन्त्र 23.2.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! अंतरिक्षलोक और पृथ्वीलोक आप के बल का वैसे ही अनुसरण करते हैं, जैसे मातापिता बच्चे के पीछे चलचल कर उस की रक्षा करते हैं. जब आप वृत्रासुर से युद्ध करते हैं तो आप के सामने युद्ध के लिए तैयार शत्रु के भी हौसले पस्त हो जाते हैं. (११)

EN English Translation

O Indra! Space and earth follow your force just as parents follow the child and protect him. When you fight with Vritrasura, the enemy ready for war in front of you is also defeated. (11)

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