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सामवेद

Chapter / Prapathak 5 • Dashati / Sukta 8 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 5 • दशती / सूक्त 8 • मन्त्र 7

5.8.7

Mantra ID: 5.8.7

आ हर्यताय धृष्णवे धनुष्टन्वन्ति पौँस्यम् । शुक्रा वि यन्त्यसुराय निर्णिजे विपामग्रे महीयुवः ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 5.8.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

योद्धा जैसे धनुष पर डोरी चढ़ाते हैं, वैसे ही यजमान सोमरस को छानते हैं. सोम शत्रुओं को हराने वाले और पूजनीय हैं. गाय का दूध मिला कर सोमरस को और श्रेष्ठ बनाया जाता है. (७)

EN English Translation

Just as the warriors offer a string on the bow, the host filters the somras. Soma is the one who defeats the enemies and is revered. Someras is made better by mixing cow's milk. (7)

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