Popular:
अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 9 • Mantra 18

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 9 • मन्त्र 18

10.9.18

Mantra ID: 10.9.18

यत्ते॑ म॒ज्जा यदस्थि॒ यन्मां॒सं यच्च॒ लोहि॑तम् । आ॒मिक्षां॑ दुह्रतां दा॒त्रे क्षी॒रं स॒र्पिरथो॒ मधु॑ ॥ (१८)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 10.9.18 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शतौदना गौ! तेरी चरबी, तेरी हड्डियां, मांस और रक्त तेरे दानदाता को सदा दही, मीठा दूध और घी देते रहें. (१८)

EN English Translation

O Shataudana Gau! May your fat, your bones, flesh and blood always give curd, sweet milk and ghee to your donor. (18)

卐 HinduText AI