Popular:
अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 9 • Mantra 20

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 9 • मन्त्र 20

10.9.20

Mantra ID: 10.9.20

यास्ते॑ ग्री॒वा ये स्क॒न्धा याः पृ॒ष्टीर्याश्च॒ पर्श॑वः । आ॒मिक्षां॑ दुह्रतां दा॒त्रे क्षी॒रं स॒र्पिरथो॒ मधु॑ ॥ (२०)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 10.9.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शतौदना गौ! तेरी जो गरदन, तेरे जो कंधे, जो पीठ और जो पसलियां हैं, वे तेरे दानदाता को सदा दही, मीठा दूध और घी देते रहें. (२०)

EN English Translation

O Shataudana Gau! May your neck, your shoulders, your back and ribs always give curd, sweet milk and ghee to your donor. (20)

卐 HinduText AI