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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 11 • Mantra 23

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 11 • मन्त्र 23

11.11.23

Mantra ID: 11.11.23

अर्बु॑दिश्च॒ त्रिष॑न्धिश्चा॒मित्रा॑न्नो॒ वि वि॑ध्यताम् । यथै॑षामिन्द्र वृत्रह॒न्हना॑म शचीपते॒ऽमित्रा॑णां सहस्र॒शः ॥ (२३)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.11.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

विषंधि अर्थात्‌ सेना को मोहित करने वाला देव और अर्बुदि नाम का सर्प हमारे शत्रुओं को अनेक प्रकार से चोट पहुंचाए. हे शचीपति इंद्र! हम जिस प्रकार उन शन्रुओं से संबंधित लोगों को हजारों की संख्याओं में मारे, हमें ऐसी शक्ति दो. (२३)

EN English Translation

Vishandhi means the god who fascinates the army and the snake named Arbudi hurt our enemies in many ways. This is Shakhipati Indra! Give us such power the way we kill people belonging to those saints in thousands. (23)

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