Popular:
अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 12 • Mantra 6

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 12 • मन्त्र 6

11.12.6

Mantra ID: 11.12.6

शि॑तिप॒दी सं द्य॑तु शर॒व्ये॒यं चतु॑ष्पदी । कृत्ये॒ऽमित्रे॑भ्यो भव॒ त्रिष॑न्धेः स॒ह सेन॑या ॥ (६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 11.12.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

श्वेत चरणों वाली गाय, चार चरणों वाली हो कर तथा बाणों का समूह बना कर हमारे शत्रुओं को प्राप्त हो. हे कृत्यारूपिणी गौ! तू त्रिषंधि देव के समान हमारे शत्रुओं का संहार करने वाली बन. (६)

EN English Translation

The cow with white feet, with four steps and making a group of arrows, should our enemies get it. This is the act! You become like Trishandhi Dev, the destroyer of our enemies. (6)

卐 HinduText AI