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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 2 • Mantra 19

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 2 • मन्त्र 19

11.2.19

Mantra ID: 11.2.19

मा नो॒ऽभि स्रा॑ म॒त्यं देवहे॒तिं मा नः॑ क्रुधः पशुपते॒ नम॑स्ते । अ॒न्यत्रा॒स्मद्दि॒व्यां शाखां॒ वि धू॑नु ॥ (१९)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.2.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे रुद्र! अपने दैवी बाण को हम मरणधर्माओं पर मत चलाओ. हे पशुपति! हमारे प्रति क्रोध न करो. तुम्हारे लिए नमस्कार है. शाखा के समान विस्तृत अपने दिव्य बाण को हमारी अपेक्षा अन्यत्र छोड़ो. (१९)

EN English Translation

O Rudra! Don't agni your divine arrow on us dead. O Pashupati! Don't get angry with us. Hello to you. Leave your divine arrow as wide as a branch elsewhere than us. (19)

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