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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 8 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 8 • मन्त्र 9

11.8.9

Mantra ID: 11.8.9

भ॑वाश॒र्वावि॒दं ब्रू॑मो रु॒द्रं प॑शु॒पति॑श्च॒ यः । इषू॒र्या ए॑षां संवि॒द्म ता नः॑ सन्तु॒ सदा॑ शि॒वाः ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.8.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हम उन भव, शर्व, रुद्र और पशुपति की स्तुति करते हैं. हम इन देवों के बाणों को जानते हैं. वे सदा हमारे लिए कल्याणकारी हों. (९)

EN English Translation

We praise them Bhava, Sharva, Rudra and Pashupati. We know the arrows of these gods. May they always be welfare for us. (9)

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