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अथर्ववेद

Kanda 14 • Sukta 1 • Mantra 43

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 14 • सूक्त 1 • मन्त्र 43

14.1.43

Mantra ID: 14.1.43

यथा॒सिन्धु॑र्न॒दीनां॒ साम्रा॑ज्यं सुषु॒वे वृषा॑ । ए॒वा त्वं॑ स॒म्राज्ञ्ये॑धि॒पत्यु॒रस्तं॑ प॒रेत्य॑ ॥ (४३)

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अथर्ववेद मन्त्र 14.1.43 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस प्रकार शक्तिशाली सागर नदियों पर शासन करता है, उसी प्रकार तू भी अपने पति के घर पहुंच कर सम्राज्ञी बनती हुई निवास कर. (४३)

EN English Translation

Just as the mighty ocean rules over rivers, so you too should reach your husband's house and live as a empress. (43)

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